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मंगलवार को GBP/USD मुद्रा जोड़ी में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और इसने पिछले सप्ताह की पूरी बढ़त को खत्म कर दिया।
ब्रिटिश पाउंड में मौजूदा गिरावट की तकनीकी प्रकृति उसी तरह की है जैसी इससे पहले हुई तेजी की थी। वास्तव में, हम अभी भी साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम पर एक फ्लैट (Flat / Range-bound Market) देख रहे हैं, और फ्लैट बाजार में होने वाली चालें अक्सर अनिश्चित और यादृच्छिक (Random) होती हैं।
कल ब्रिटेन से बेरोजगारी (Unemployment) और वेतन (Wages) से जुड़े अच्छे आंकड़े जारी हुए।
कम से कम बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि अधिकांश ट्रेडर्स इसके बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे। इसके अलावा, बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि भी अनुमान से काफी कम रही।
इसलिए, तकनीकी रूप से ब्रिटिश पाउंड कल सकारात्मक स्तर पर बंद हो सकता था।
हालांकि, बाजार अभी भी अधिकांश मैक्रोइकोनॉमिक डेटा (Macroeconomic Data) को नजरअंदाज कर रहा है और केवल बहुत महत्वपूर्ण रिपोर्टों पर ही प्रतिक्रिया दे रहा है।
आगे भी हमें मुख्य रूप से तकनीकी चाल (Technical Movements) देखने की उम्मीद है।
उदाहरण के लिए, वर्तमान गिरावट वाली करेक्शन (Downward Correction) पूरी होने के बाद ब्रिटिश मुद्रा में फिर से तेजी शुरू होने की संभावना बन सकती है।
तकनीकी रूप से, घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर ब्रिटिश पाउंड ने एक नया गिरावट वाला ट्रेंड (Downtrend) शुरू कर दिया है।
हालांकि, यह संभवतः 4 घंटे (4H) टाइमफ्रेम पर चल रहे तेजी वाले ट्रेंड के खिलाफ एक करेक्शन है।
ट्रेंड लाइन अभी भी बेयर्स (Sellers) का समर्थन कर रही है, लेकिन यदि कीमत इसके ऊपर स्थिर होती है, तो यह संभावित ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal) का संकेत होगा।
इसके अलावा, कीमत अभी Ichimoku संकेतक की लाइनों के नीचे स्थित है, जो गिरावट वाले ट्रेंड की पुष्टि करता है।
मंगलवार को 5 मिनट के चार्ट पर केवल एक ट्रेडिंग सिग्नल बना।
हालांकि, उससे पहले वाले दिन कीमत 1.3465–1.3480 क्षेत्र से वापस नीचे आई थी, इसलिए शॉर्ट पोजीशन (Sell Trades) को सोमवार से मंगलवार तक जारी रखा जा सकता था।
मंगलवार को मुद्रा जोड़ी ने 1.3369–1.3377 क्षेत्र को पार किया, जिससे आज सुबह लॉन्ग पोजीशन (Buy Trades) अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।
(आगे COT रिपोर्ट का विश्लेषण जारी है।)
ब्रिटिश पाउंड से संबंधित COT रिपोर्ट (Commitments of Traders Report) यह दर्शाती है कि गैर-वाणिज्यिक (Non-commercial) ट्रेडर्स लगातार कई महीनों से बाजार में बिकवाली (Selling) का दबदबा बनाए हुए हैं।
लंबी अवधि में तेजी का ट्रेंड बने रहने के बावजूद नेट पोजीशन (Net Position) अभी भी नकारात्मक है।
मध्य-पूर्व की घटनाओं को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग अभी कमजोर बनी हुई है।
युद्ध औपचारिक रूप से समाप्त हो चुका है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है। आने वाले समय में भू-राजनीतिक परिस्थितियां (Geopolitical Factors) अमेरिकी डॉलर की मांग को समर्थन दे सकती हैं।
हालांकि, जब तक कीमत ट्रेंड लाइन के नीचे मजबूती से स्थिर (Consolidate) नहीं होती, तब तक हम इस मुद्रा जोड़ी में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं करेंगे।
लंबी अवधि में उम्मीद है कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण डॉलर में गिरावट जारी रह सकती है, जैसा कि साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
व्यापार युद्ध (Trade War) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है और ट्रंप की नीतियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी मुद्रा को कमजोर करने की दिशा में प्रभाव डाल रही हैं।
दीर्घकालिक तेजी वाला ट्रेंड (Uptrend) अभी भी कायम है, जिसकी पुष्टि ट्रेंड लाइन से होती है।
हाल ही में कीमत ने इस ट्रेंड लाइन का परीक्षण किया और वहां से वापस ऊपर उछली।
"Non-commercial" समूह ने:
इसका परिणाम यह हुआ कि सप्ताह के दौरान गैर-वाणिज्यिक ट्रेडर्स की नेट पोजीशन में 16,600 कॉन्ट्रैक्ट की वृद्धि हुई।
हालांकि, इस बदलाव का पेशेवर ट्रेडर्स की कुल बाजार धारणा (Overall Sentiment) पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है।
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर GBP/USD मुद्रा जोड़ी तीन सप्ताह की तेजी के बाद अभी भी करेक्शन (Correction) में है।
बाजार अभी भी भू-राजनीतिक घटनाओं को नजरअंदाज कर रहा है और हाल के हफ्तों में हमने अमेरिका के कमजोर महंगाई (Inflation) आंकड़ों के कारण तकनीकी तेजी (Technical Growth) देखी है।
वर्तमान करेक्शन पूरा होने के बाद, साप्ताहिक टाइमफ्रेम पर बने क्षैतिज चैनल (Horizontal Channel) के अंदर मुद्रा जोड़ी की चाल को देखते हुए ब्रिटिश पाउंड में फिर से तेजी आने की संभावना बन सकती है।
इसके अलावा:
ये लाइनें भी ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत के रूप में काम कर सकती हैं।
यदि कीमत सही दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ती है, तो Stop Loss को ब्रेकईवन (Break-even) पर लगाने की सलाह दी जाती है।
ध्यान रखें कि Ichimoku संकेतक की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।आर्थिक घटनाएं
बुधवार को ब्रिटेन की जून महीने की महंगाई रिपोर्ट (Inflation Report) जारी होगी।
यह रिपोर्ट आने वाली दो बैठकों में बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England - BoE) के रुख को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल ब्याज दर बढ़ाने की कोई चर्चा नहीं हो रही है और जून की महंगाई दर में और गिरावट आने की संभावना है।
संभवतः बाजार पहले ही:
को अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है।